8th Pay Commission: इन दिनों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स (Central Employees And Pensioners) 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर नजरें गड़ाए बैठे हैं. सभी का ध्यान इस तरफ है कि 8वें वेतन आयोग को कब तक लागू किया जाएगा. इसे लेकर सरकार की ओर से गठित आयोग केंद्रीय कर्मचारी वे पेंशनर्स के संगठनों के साथ बैठकें कर रहा है. लेकिन अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने अब इसकी टाइम लाइन पर भी सस्पेंस के बादल मंडरा दिए हैं.
पीएम मोदी की विदेशी मुद्रा बचाने की अपील ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है. अगर हालात नहीं सुधरे तो फिर 8वां वेतन आयोग लागू होने में देरी हो सकती है. हालांकि, आयोग अभी समीक्षा का काम पूरी तरह से कर रहा है.
आयोग की बैठकों में इन पहलुओं पर चर्चा
केंद्र सरकार की ओर से पहले ही बताया जा चुका है कि 8वां वेतन आयोग 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे में बदलाव पर काम किया जा रहा है. इसके साथ ही सरकार भी आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस को भी मंजूरी दी चुकी है.
मौजूदा वक्त में तो आयोग, कर्मचारी संगठनों से अलग-अलग राज्यों में जाकर उनके प्रस्ताव इकट्ठे कर रहा है. फिटमेंट फैक्टर, 50 फीसदी डीए मर्जर और नई पेंशन फॉर्मूला जैसे मुद्दों पर चर्चा भी हो रही है.
मिडिल ईस्ट तनाव बन सकता बाधा
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया तब चल रही है जब पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की चपेट में हैं. इस तनाव से दुनियाभर का कोई भी देश अछूता नहीं है. अब कच्चे तेल के दाम, शिपिंग लागत, महंगाई और विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ने की चिंता भी लगातार बनी है. ऐसे में सवाल उठ रहा है क्या केंद्र सरकार इतना बड़ा खर्च टाल सकती है. पीएम नरेंद्र मोदी भी सार्वजनिक मंच पेट्रोल-डीजल बचाने और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की सलाह दे चुके हैं.
क्या 8वां वेतन आयोग टलने की उम्मीद?
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी होगी, सरकार की तरफ से ऐसा कोई संकेत नहीं है. आयोग की पूरी टीम अपनी समीक्षा के कार्य में पूरी प्रगति के साथ लगी हुई हैं. कुछ दिन पहले सरकार ने संकेत दिए थे कि संशोधित ढांचा 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है. अभी आखिरी फैसला समीक्षा के बाद ही होगा.