उज्ज्वला योजना का नया नियम: ऑटो रिक्शा होने पर गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा, विवरण देखें

Saroj Kanwar
4 Min Read

कई जगहों पर खाना पकाने की गैस की कीमत हजार के पार पहुंच गई है। ऐसे में, हालांकि कीमत जगह-जगह अलग-अलग है, लेकिन हजार के पार नहीं जा रही है। वहीं, चूल्हे के धुएं की समस्या कम नहीं हो रही है। इस समस्या से छुटकारा पाने और रसोई से धुआं हटाकर महिलाओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने मुफ्त उज्ज्वला गैस कनेक्शन की सुविधा शुरू की है। सरकार की इस पहल के परिणामस्वरूप, आम आदमी अब आसानी से उज्ज्वला गैस कनेक्शन का लाभ उठा सकता है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। और इससे आम आदमी को भारी झटका लगा है।

उज्ज्वला गैस योजना के लिए नए दिशानिर्देश
हाल ही में केंद्र सरकार ने सूचित किया है कि उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए जा रहे हैं। इनमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि किसी ग्राहक के पास अपना तीन या चार पहिया वाहन या मछली पकड़ने वाली नाव है, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बात यहीं खत्म नहीं होती, केंद्र ने यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के घर का क्षेत्रफल 30 वर्ग मीटर है, उसके पास तीन या चार पहिया कृषि मशीनरी है और परिवार के किसी सदस्य की मासिक आय 10,000 रुपये है, तो उसे उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। ऐसे मामलों में, आवेदन की जांच की जिम्मेदारी डीलरों को दी गई है। यह भी बताया गया है कि यदि कोई भी जानकारी छुपाता है, तो उसकी जिम्मेदारी डीलरों को लेनी होगी। इससे डीलरों पर काफी दबाव बढ़ गया है।
दिशा-निर्देशों को लेकर डीलरों पर दबाव
डीलरों का दावा है कि अगर केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया, तो कई गरीब परिवार इस सरकारी योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे। इतना ही नहीं, बढ़ती कीमतों के इस बाजार में 10 हजार रुपये प्रति माह में परिवार चलाना बहुत मुश्किल है।

ऐसे में कहा जा रहा है कि अगर उनकी आय 10 हजार रुपये से अधिक होगी, तो उन्हें गैस कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। यही कारण है कि कई लोग इस योजना से वंचित रह रहे हैं। कई लोगों ने गुजारा चलाने के लिए विभिन्न स्थानों से ऋण लेकर ऑटो खरीदे हैं। कई लोग परिवार के खर्चों को पूरा करने के लिए ये सभी वाहन खरीदते हैं। लेकिन वहां भी केंद्र ने लाल झंडी दिखा दी है। नतीजतन, अब तक केवल तीन-चार आवेदन ही जमा हुए हैं।
संयोगवश, गैस उत्पादक कंपनी ने बताया कि पिछले चरण में कई ‘अमीर’ परिवारों को उज्ज्वला गैस योजना का लाभ मिला। लेकिन गैस कनेक्शन मिलने के बाद कई लोगों ने सिलेंडर नहीं लिए। इसलिए डीलरों को निर्देश दिया गया कि वे उन सभी परिवारों की पहचान करें और सिलेंडर वापस ले लें।

नतीजतन, डीलरों और ग्राहकों के बीच काफी विवाद हुआ। यही कारण है कि इस बार कई नई शर्तें लागू की गई हैं। इस संदर्भ में, पुरबा बर्दवान के गैस डीलर राजीव भौमिक ने कहा, “कुछ उपभोक्ताओं ने उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन किया है। उन्हें जांच के बाद ही कनेक्शन दिए जाएंगे। बेशक, उपभोक्ताओं को उनका पालन करना होगा।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *