स्कूल और कॉलेज 30 जनवरी तक बंद: महाराष्ट्र राज्य अजित पवार के निधन पर शोक की घोषणा के कारण बंद रहा। महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार को विशेष श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए यह निर्णय लिया। यह जानकारी राज्य भर के छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राजकीय शोक की घोषणा
अजीत पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास विमान दुर्घटना में निधन हो गया। महाराष्ट्र सरकार ने इस विमान दुर्घटना के कारण राजकीय शोक की घोषणा की है। शोक की अवधि 28 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक रहेगी। इस दौरान कई सरकारी गतिविधियां निलंबित रहेंगी।
स्कूल और कॉलेज बंद
सरकार ने राजकीय शोक के कारण महाराष्ट्र के सभी शिक्षण संस्थानों को 30 जनवरी 2026 तक बंद रखने की घोषणा की है। यह आदेश निम्नलिखित पर लागू होता है:
- सरकारी स्कूल
- निजी स्कूल
- सहायता प्राप्त स्कूल
- कॉलेज और विश्वविद्यालय
इस पूरी अवधि में कोई भी नियमित शैक्षणिक गतिविधियाँ नहीं होंगी।
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बंद का कारण
स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने की यह चयनित अवधि दो उद्देश्यों को पूरा करती है: अजीत पवार को श्रद्धांजलि देना और नागरिकों को शोक व्यक्त करने का अवसर प्रदान करना। सरकार इस दौरान गरिमा और सम्मान बनाए रखना चाहती है। सरकार ने विशेष कार्यक्रमों सहित सभी सार्वजनिक आयोजनों को रद्द करने का निर्णय लिया है।
छात्रों और अभिभावकों को क्या जानना चाहिए
स्कूल बंद रहने की अवधि के दौरान छात्रों को घर पर ही रहना होगा। अभिभावकों को स्कूल अधिकारियों द्वारा संदेशों के माध्यम से जारी किए गए आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए। शोक अवधि समाप्त होने के बाद स्कूल खुलने की तारीखों के बारे में छात्रों को सूचित करेंगे।
कक्षाएं कब शुरू होंगी
स्कूलों और कॉलेजों के खुलने की संभावित तिथि 30 जनवरी 2026 है। गतिविधियों को फिर से शुरू करने के संबंध में अंतिम निर्णय सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी अतिरिक्त निर्देशों पर निर्भर करेगा। छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारी के लिए अपने स्कूलों का इंतजार करना होगा।
स्कूलों और कॉलेजों का वर्तमान बंद होना एक अस्थायी उपाय है जिसे अधिकारियों ने राजकीय शोक की अवधि के दौरान लागू किया है। छात्रों और अभिभावकों को सही जानकारी के लिए आधिकारिक घोषणाओं और स्कूल नोटिसों के माध्यम से अपडेट रहना चाहिए।