खरीफ की सिर्फ 42% बोवनी, बारिश ने बिगाड़ा प्लान,अब उड़द, मूंग और तिल बोने की सलाह

Saroj Kanwar
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Tikamgarh News: टीकमगढ़ जिले में खरीफ सीजन की बोवनी का समय निकल जाने के बाद भी अब तक सिर्फ 42 प्रतिशत क्षेत्र में ही बोवनी हो सकी है। आमतौर पर यह प्रक्रिया 15 जून से जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरी हो जाती है, लेकिन इस बार 17 जून से लगातार हुई बारिश ने खेतों में पानी भर दिया, जिससे मूंगफली और सोयाबीन जैसी फसलें खराब हो गईं। किसानों का कहना है कि खेतों में नमी और पानी जमा होने के कारण बीज सड़ गए हैं और बोवनी नहीं हो पाई।

जिले में खरीफ सीजन के लिए कुल 2.31 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें मूंगफली का रकबा 1.10 लाख हेक्टेयर और सोयाबीन का 10 हजार हेक्टेयर निर्धारित था। लेकिन लगातार बारिश और मिट्टी में नमी न मिलने की वजह से बोवनी समय पर नहीं हो पाई। कई किसानों की पहले से बोई गई फसलें खेतों में ही सड़ गईं। नयागांव, भैरा और देवरदा जैसे गांवों के किसानों ने बताया कि उन्होंने बीज तो रख लिए थे, लेकिन समय पर बारिश के कारण बतर नहीं मिल पाया।

अब कृषि विभाग की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि ऊंचाई वाले खेतों में उड़द, मूंग या तिल की फसल बोई जाए। जिन खेतों में पानी जमा है, वहां धान की रोपाई की जा सकती है।विभाग ने कहा कि जिन किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं, वे इन वैकल्पिक फसलों की ओर ध्यान दें ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।

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