लड़की बहन योजना से जुड़ी बड़ी अपडेट: ई-केवाईसी में सुधार की अंतिम समय सीमा घोषित, त्रुटियों को 31 दिसंबर तक सुधारा जा सकता है

Saroj Kanwar
4 Min Read

क्या आप महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री लड़की बहन योजना की लाभार्थी हैं और ई-केवाईसी में त्रुटियों को लेकर चिंतित हैं? यह योजना लाखों महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता बन गई है। हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि ई-केवाईसी के दौरान छोटी या बड़ी त्रुटियों के कारण कई पात्र महिलाएं योजना के लाभों से वंचित न रह जाएं, सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इन महिलाओं को अपने ई-केवाईसी को सुधारने का अंतिम मौका दिया जाएगा, जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 निर्धारित की गई है।

ई-केवाईसी सुधारने का अंतिम मौका
राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री और श्रीवर्धन से विधायक अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है, इसलिए किसी भी पात्र महिला को तकनीकी या दस्तावेजी त्रुटियों के कारण योजना से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
दरअसल, लड़की बहन योजना की अधिकांश लाभार्थी दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आती हैं, जहां ई-केवाईसी प्रक्रिया में त्रुटियां होना स्वाभाविक है। विभाग को ई-केवाईसी में सुधार का अवसर देने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन और शिकायतें प्राप्त हुईं। इन मांगों के जवाब में, सरकार ने यह अंतिम अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लड़की बहनों के पति या पिता अब जीवित नहीं हैं, उनके लिए पोर्टल पर विशेष सुविधाएं प्रदान की गई हैं, ताकि वे बिना किसी परेशानी के ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकें।
2.43 करोड़ लाभार्थी और पारदर्शी कार्यान्वयन
इससे पहले, विधानसभा में योजना से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देते हुए मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि योजना का कार्यान्वयन पारदर्शी तरीके से हो और लाभ केवल वास्तव में पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लड़की बहन योजना के लिए लगभग 2.63 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 2.43 करोड़ आवेदन जांच के बाद वैध पाए गए। इसके अतिरिक्त, आयकर विभाग द्वारा लगभग 2.6 करोड़ आवेदनों की अलग से जांच की गई, जिसने यह भी पुष्टि की कि अधिकांश आवेदन पात्र थे।

8,000 महिलाएं लाभ से वंचित
नमो शेतकरी योजना, स्कूल शिक्षा विभाग और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों से आंकड़े एकत्र करके पात्र लाभार्थियों की पहचान की गई। नियमों के अनुसार, विभिन्न योजनाओं के लिए पात्र महिलाओं को लाभ मिलता रहेगा। हालांकि, जांच में पता चला कि सरकारी नौकरियों में लगभग 8,000 लाभार्थी अपात्र थे, और राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश भी भेज दिए गए हैं।

12,000 से 14,000 लड़कियों के अपने खाते नहीं हैं।

मंत्री जी ने यह भी बताया कि 12,000 से 14,000 मामलों में महिलाओं के अपने बैंक खाते नहीं थे, इसलिए भुगतान उनके पिता, भाई या पति के खातों से लिंक किए गए थे। विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र सत्यापन जारी रखे हुए है कि कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रह जाए।

सरकार ने 13 प्रमुख मापदंडों के आधार पर योजना के सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है। मंत्री अदिति तटकरे के अनुसार, ई-केवाईसी पूरा होने के बाद, योजना के लाभों का वितरण अधिक सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित हो जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि मुख्यमंत्री मांझी लड़की बहन योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *