झारखंड बोर्ड परीक्षाएं 2026 कक्षा 10 और 12 के लिए शुरू, 7 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल: कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए 2026 झारखंड बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। यह राज्य में छात्रों के मूल्यांकन का सबसे व्यस्त समय होता है क्योंकि 7 लाख छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे।
झारखंड बोर्ड परीक्षाएं शुरू
झारखंड अकादमिक परिषद ने बोर्ड परीक्षाएं शुरू कर दी हैं, जिसमें कक्षा 10 (मैट्रिक) और कक्षा 12 (इंटरमीडिएट) के छात्र शामिल होंगे और बोर्ड द्वारा निर्धारित समय सारिणी के अनुसार अपनी परीक्षाएं पूरी करेंगे।
परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या
आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026 में 7 लाख से अधिक छात्र भाग लेंगे। • कक्षा 10 की परीक्षा में लगभग 4 लाख छात्र शामिल होंगे। • कक्षा 12 की परीक्षा में लगभग 3 लाख छात्र शामिल होंगे।
इस विशाल संख्या में प्रतिभागियों को देखते हुए, राज्य भर के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाओं का विशेष महत्व है।
झारखंड भर में परीक्षा केंद्र
झारखंड भर में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष उपाय आवश्यक हैं। परीक्षा केंद्रों ने नकल रोकने के लिए अपनी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है।
प्रवेश पत्र और परीक्षा नियम
छात्रों को प्रत्येक परीक्षा दिवस पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय अपना प्रवेश पत्र प्रस्तुत करना होगा। विद्यालयों ने परीक्षा अवधि शुरू होने से पहले छात्रों को प्रवेश पत्र वितरित कर दिए थे। सभी छात्रों को बोर्ड परीक्षा नियमों का पालन करते हुए अपना प्रवेश पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिनका उन्हें परीक्षा के दौरान पालन करना अनिवार्य है।
विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
- परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंचें
- अपना एडमिट कार्ड प्रतिदिन साथ रखें
- परीक्षा हॉल में प्रतिबंधित वस्तुएं न लाएं
- निरीक्षकों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें
ये परीक्षाएं क्यों महत्वपूर्ण हैं
कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यार्थी अपनी उच्च शिक्षा के लिए कक्षा 10 के परिणामों के आधार पर विषय चुनते हैं, जबकि कक्षा 12 के परिणाम उनके कॉलेज प्रवेश और व्यावसायिक करियर विकल्पों को निर्धारित करते हैं।
झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026 से शुरू होने वाली अपनी अनिवार्य अध्ययन अवधि छात्रों को अवश्य शुरू कर देनी चाहिए। छात्र परीक्षा की तैयारी सही ढंग से करके, शांत मन से और आत्मविश्वास बनाए रखकर ही सफल परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। छात्रों को परीक्षा अवधि के अंत तक अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए निरंतर अध्ययन करते रहना चाहिए।