CIBIL Score: आज के महंगाई के दौर में लोगों की वित्तीय जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। इसके कारण अधिकतर लोग अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बैंक से लोन लेने का विकल्प चुनते हैं। कई बार लोग बेहतर ब्याज दर की तलाश में एक साथ कई बैंकों में लोन के लिए आवेदन करते हैं। हालांकि यह रणनीति सही लग सकती है, लेकिन वास्तव में यह आपके सिबिल स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। बार-बार लोन आवेदन करने से आपकी साख पर सवाल खड़े हो सकते हैं और भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है।
सिबिल स्कोर में गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन बार-बार लोन आवेदन करना एक प्रमुख कारण है। जब आप छोटी अवधि में कई लोन आवेदन करते हैं, तो यह एक चेतावनी संकेत के रूप में काम करता है। वित्तीय संस्थाएं इसे इस तरह देखती हैं कि आपकी वित्तीय स्थिति अस्थिर है और आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं। इसके अलावा, यह भी संकेत देता है कि आप अपनी आय से अधिक खर्च कर रहे हैं और आपकी वित्तीय योजना में कमी है।
हार्ड इंक्वायरी का प्रभाव आमतौर पर दो साल तक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई देता है। हालांकि एक या दो हार्ड इंक्वायरी से बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन अगर यह संख्या अधिक हो जाए तो आपका सिबिल स्कोर काफी गिर सकता है। प्रत्येक हार्ड इंक्वायरी आपके स्कोर को 5-10 अंक तक कम कर सकती है। यदि आपका पहले से ही स्कोर कम है, तो यह और भी हानिकारक साबित हो सकता है।
लोन अप्रूवल पर पड़ने वाला प्रभाव
कम सिबिल स्कोर का सीधा असर आपकी लोन अप्रूवल की संभावनाओं पर पड़ता है। बैंक और वित्तीय संस्थाएं आमतौर पर 750 या उससे अधिक सिबिल स्कोर वाले आवेदकों को प्राथमिकता देती हैं। अगर आपका स्कोर इससे कम है, तो लोन मिलना मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि अगर लोन मिल भी जाए, तो आपको अधिक ब्याज दर पर लोन लेना पड़ सकता है। कम स्कोर वाले आवेदकों को अक्सर सिक्योरिटी या गारंटी भी देनी पड़ सकती है।
बार-बार लोन आवेदन करने से न केवल आपका वर्तमान आवेदन प्रभावित होता है, बल्कि भविष्य में भी लोन लेना कठिन हो जाता है। लेंडर्स इसे वित्तीय अनुशासन की कमी के रूप में देखते हैं। इसके कारण आपको होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने में भी परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में बैंक आपकी मौजूदा क्रेडिट लिमिट भी कम कर सकते हैं।
सिबिल स्कोर सुधारने के उपाय
अगर आपका सिबिल स्कोर बार-बार लोन आवेदन के कारण गिर गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसे सुधारा जा सकता है, लेकिन इसमें समय और धैर्य लगता है। सबसे पहले, आपको नए लोन आवेदन करने से बचना चाहिए और अपनी मौजूदा EMI को समय पर भरने पर ध्यान देना चाहिए। क्रेडिट कार्ड के बिल को पूरा भरना और क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो को 30% से कम रखना भी जरूरी है।
नियमित रूप से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करना और किसी भी गलती को तुरंत सुधारना भी महत्वपूर्ण है। अपने पुराने क्रेडिट अकाउंट को बंद न करें क्योंकि लंबा क्रेडिट हिस्ट्री आपके स्कोर में सुधार करती है। अगर कोई डिस्प्यूट है तो उसे जल्दी रिजॉल्व करवाना चाहिए। धैर्य रखें क्योंकि सिबिल स्कोर सुधारने में कम से कम 6-12 महीने का समय लग सकता है।
सॉफ्ट इंक्वायरी का महत्व
बार-बार हार्ड इंक्वायरी से बचने के लिए सॉफ्ट इंक्वायरी का उपयोग करना एक बेहतर विकल्प है। सॉफ्ट इंक्वायरी में आप अपना क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट देख सकते हैं बिना इसके कि आपके स्कोर पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़े। आज कल कई मुफ्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं जहां आप महीने में एक बार अपना स्कोर चेक कर सकते हैं। यह जानकारी आपको यह समझने में मदद करती है कि आप लोन के लिए तैयार हैं या नहीं।
सॉफ्ट इंक्वायरी का उपयोग करके आप पहले से ही अपनी स्थिति का आकलन कर सकते हैं और फिर केवल उसी बैंक में आवेदन कर सकते हैं जहां अप्रूवल की संभावना अधिक है। इससे आप अनावश्यक हार्ड इंक्वायरी से बच सकते हैं। कई बैंक प्री-अप्रूवल की सुविधा भी देते हैं जिसमें सॉफ्ट इंक्वायरी के जरिए वे आपकी योग्यता का आकलन करते हैं।
भविष्य के लिए सुझाव
भविष्य में लोन लेते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है। पहले अपनी वित्तीय जरूरत का सटीक आकलन करें और केवल उतना ही लोन लें जितनी वास्तव में जरूरत है। कई बैंकों में आवेदन करने से बेहतर है कि पहले रिसर्च करें और सबसे उपयुक्त बैंक का चुनाव करें। अपने सिबिल स्कोर को नियमित रूप से मॉनिटर करते रहें और EMI को हमेशा समय पर भरें।
लोन आवेदन करने से पहले अपनी इनकम, खर्च और मौजूदा EMI का हिसाब लगा लें। यह सुनिश्चित करें कि आपका डेट टू इनकम रेश्यो 40% से कम हो। अगर आपको तुरंत पैसे की जरूरत नहीं है तो बेहतर है कि पहले अपना सिबिल स्कोर सुधारें और फिर लोन के लिए आवेदन करें। इससे आपको बेहतर ब्याज दर मिल सकती है और लोन अप्रूवल की संभावना भी बढ़ जाती है।
Disclaimer
यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। वित्तीय निर्णय लेने से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें। सिबिल स्कोर और लोन संबंधी नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित अधिकारिक वेबसाइट देखें।