8वां वेतन आयोग: सभी के लिए बड़ी खबर। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच 8वां वेतन आयोग इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके लागू होने से न केवल कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर भी इसका असर पड़ेगा। इस बीच, जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिससे संकेत मिलता है कि 8वें वेतन आयोग के सुझावों का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिलेगा।
हम इस प्रभाव को कैसे देख सकते हैं? जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, इन सिफारिशों से खपत और कॉर्पोरेट मुनाफे में वृद्धि होने की उम्मीद है। कॉर्पोरेट आय में यह वृद्धि शेयरों में अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित कर सकती है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में तेजी आने की संभावना है।
8वें वेतन आयोग ने अपना काम शुरू कर दिया है और 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की योजना बना रहा है। हालाँकि, ये सिफारिशें 1 जनवरी, 2026 से लागू होंगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2008 में जब छठा वेतन आयोग लागू हुआ था, तब केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इस वेतन वृद्धि के साथ-साथ आय में वृद्धि के परिणामस्वरूप कारों, बाइकों और घरों की बिक्री में वृद्धि हुई, जिससे कंपनियों को महत्वपूर्ण लाभ हुआ।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर एक अफवाह फैल रही है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) और अन्य लाभों में कटौती की जाएगी। इससे कर्मचारियों में चिंता पैदा होना स्वाभाविक है। हालाँकि, इन चिंताओं के जवाब में, सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई योजना नहीं है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि डीए और अन्य भत्ते पहले की तरह ही जारी रहेंगे और वित्त अधिनियम 2025 का इन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस सरकारी बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद भी एचआरए सहित भत्ते बरकरार रहेंगे।