योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा से मिलता है पुण्य ,जाने व्रत की पूजा विधि

योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा से मिलता है पुण्य ,जाने व्रत की पूजा विधि

 
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आज योगिनी एकादशी व्रत किया जाएगा योगिनी एकादशी से सभी पाप खत्म हो जाते हैं इस व्रत को करने से शारीरिक परेशानियां भी खत्म हो जाती है इस व्रत को गुण और यश देने वाला बताया गया है इस व्रत का फल 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के पुण्य के बराबर मिलता है सबसे पहले हेममाली नाम के एक यक्ष ने इस व्रत को किया था

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भगवान श्रीकृष्ण ने इस व्रत की कथा युधिष्ठिर को सुनाई थी जिसमें राजा कुबेर के श्राप से कोढ़ी होकर हेममाली नाम का यक्ष मार्कण्डेय ऋषि के आश्रम में जाता है ऋषि ने उसे योगिनी एकादशी व्रत करने की सलाह दी और इसकी विधि बताई यक्ष ने ऋषि की बात मान कर व्रत किया और दिव्य शरीर धारण कर स्वर्गलोक को चला गया

योगिनी एकादशी व्रत की पूजा विधि

1. एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर नहाएं और दिनभर व्रत और श्रद्धा अनुसार दान का संकल्प लें

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2. विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करें और भगवान विष्णु को पंचामृत से नहलाएं

3. भगवान को स्नान करवाने के बाद चरणामृत को पिए और परिवार के सभी सदस्यों को भी प्रसाद के रूप में दें फिर भगवान को गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि पूजन सामग्री चढ़ाएं और कथा सुनें

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दशमी तिथि से ही ये व्रत शुरू हो जाता है रात में सादा भोजन करना चाहिए अगले दिन सूर्योदय से पहले उठकर नहाने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा रखकर उनकी पूजा करें इस दिन योगिनी एकादशी की कथा भी जरूर सुननी चाहिए इस दिन दान कर्म करना भी बहुत कल्याणकारी रहता है इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ पीपल के वृक्ष की पूजा का भी विधान है

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