एकादशी का व्रत कर के इस तरह पितृ को मोक्ष प्राप्त कराए,भूल के भी चावल का उपयोग ना करे

एकादशी का व्रत कर के इस तरह पितृ को मोक्ष प्राप्त कराए,भूल के भी चावल का उपयोग ना करे

 
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आश्विन मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इंदिरा एकादशी का व्रत रखने और भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा करने से पितरों को स्वर्ग की प्राप्ति होती है।इस व्रत को करने से भगवान श्री हरि विष्णु प्रसन्न होते हैं और पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।कहा जाता है कि इंदिरा एकादशी का व्रत मोक्ष प्रदान करने वाला होता है।इंदिरा एकादशी व्रत का पुण्य पितरों को समर्पित कर उनकी आत्मा संतुष्ट होती है और उन्हें जीवन और मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है।

Indira Ekadashi 2022: इंदिरा एकादशी का व्रत रखने से मिलती है यमलोक से  मुक्ति, जानें तिथि और व्रत का महत्व | indira ekadashi 2022 date time shubh  muhurat and its significance indira

इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु के शालिग्राम स्वरूप की पूजा की जाती है।इस दिन भगवान को पीले फूल चढ़ाएं जाते है। इंदिरा पर भगवान श्रीहरि को अक्षत और तुलसी चढ़ाई जाती है।इस दिन अपने पूर्वजों के नाम पर दैनिक उपयोग से संबंधित चीजों को जरूरतमंदों को दान करना चाहिए।इस दिन भजन और कीर्तन करने से गुण की प्राप्ति होती है।इंदिरा एकादशी का व्रत करने वालों को भगवान श्री चाहिए हरि विष्णु की बिना अन्न-जल ग्रहण किए पूजा करनी चाहिए।

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एकादशी का व्रत दशमी तिथि से शुरू होता है।दशमी तिथि को सूर्यास्त के बाद कुछ भी नही खाना चाहिए।एकादशी को गंगाजल को जल में मिलाकर स्नान करें, सूर्य देव को जल अर्पित करें, भागवत गीत का पाठ करें, पितरों को दिया गया अन्न गाय को खिलाएं, गाय को हरा चारा खिलाएं,द्वादशी के दिन अन्न का दान करें और फिर व्रत का अंत करें।

इंदिरा एकादशी के दिन न खाएं चावल, जानिए व्रत के नियम और शुभ मुहूर्त -  know-about-the-niyam-and-shubh-muhurt-of-indira-ekadashi - Nari Punjab  Kesari

एकादशी का व्रत पूरा करने के बाद चांदी,ताँबा,चावल और दही में से किसी एक वस्तु का दान करें।एकादशी को रात्रि जागरण करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।इंदिरा एकादशी का व्रत करने वालों को झूठ नहीं बोलना चाहिए या आलोचना नहीं करनी चाहिए।एकादशी के दिन चावल का प्रयोग न करें। मन को शांत रखें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।

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