दिवाली पूजन के लिए गल्ती से भी न खरीदें गणेश और लक्ष्मी की एसी मूर्ति

दिवाली पूजन के लिए गल्ती से भी न खरीदें गणेश और लक्ष्मी की एसी मूर्ति

 
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दिवाली का त्योहार पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश और लक्ष्मी की पूजा करना हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है। ऐसे में भक्त दिवाली पूजा के लिए लक्ष्मी और गणेश की नई मूर्तियां खरीदते हैं।बाजार में मिलने वाली किसी भी प्रकार की मूर्ति को लेने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।आपको गणेश जी की ऐसी मूर्ति लेनी चाहिए जिसमें वह विराजमान हों।

गणेश जी की मूर्ति को खड़ा करना शुभ नहीं माना जाता है। वहीं गणेश जी की सूंड पर विशेष ध्यान देना चाहिए। घर के लिए मूर्ति लेते समय ध्यान रखें कि गणेश जी कीसूंड दाहिनी ओर मुड़ी होनी चाहिए। बायीं ओर मुड़ी हुई सूंड व्यापारियों के लिए अच्छी मानी जाती है।बाजार में गणेश और लक्ष्मी जी की बहुत सारी मूर्तियां खरीदी और बेची जाती हैं। इस दौरान कई बार मूर्तियाँ कहीं से टूट जाती हैं। ऐसे में आप जब भी कोई मूर्ति खरीदें तो ध्यान दें कि आपकी मूर्ति हर जगह से ठीक है।मां लक्ष्मी का गुलाबी रंग उनका प्रिय माना जाता है।

ऐसे में कोशिश करें कि आप भी ऐसी ही एक मूर्ति लें, जिसे बनाने में गुलाबी रंग का इस्तेमाल किया गया हो। साथ ही जिस मूर्ति पर काले रंग का प्रयोग किया गया हो उसे लेने से बचें। काला रंग अशुभ माना जाता है।कमल के फूल को देवी लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है, इसलिए पूजा के समय कमल के फूल का प्रयोग किया जाता है।

यही कारण है कि जिस मूर्ति में लक्ष्मी जी कमल के फूल के साथ विराजमान हैं, वह शुभ मानी जाती है।बाजार में गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्तियाँ एक साथ और अलग-अलग जुड़ी हुई पाई जाती हैं। एक साथ जुड़ी हुई मूर्तियों को शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए अलग-अलग मूर्तियों को लेने का प्रयास करें।मूर्ति खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि गणेश जी के हाथ में मोदक हो। गणेश जी की मोदक मूर्ति बहुत ही शुभ मानी जाती है। 

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