Anant Chaturdashi - कब है अनंत चतुर्दशी , जानें शुभ मुहूर्त और क्या है पूजा विधि

Anant Chaturdashi - कब है अनंत चतुर्दशी , जानें शुभ मुहूर्त और क्या है पूजा विधि

 
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भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनन्त चतुर्दशी मनायी जाती है इस दिन भगवान विष्णु के अनन्त स्वरूप की पूजा की जाती है भगवान विष्णु के 12 नाम में से एक अनंत है और इस दिन इनकी पूजा और व्रत करने का विधान है इस बार यह व्रत 9 सिंतबर को मनाया जाएगा कहा जाता है कि श्री कृष्ण के कहने पर पांडवों ने इस व्रत को करके राजपाट पाया था आइए जानते हैं अनंत चतुर्दशी की पूजा विधि शुभ मुहूर्त और मंत्र

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पूजा का शुभ समय 9 सितंबर को सुबह 6.10 बजे से शाम 6.07 बजे तक है अनंत चतुर्दशी के दिन दो अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं इस दिन सुकर्मा और रवि योग बन रहा है जो पापों का नाश करता है सुकर्मा योग में शुभ कार्य करने से सफलता अवश्य मिलती है रवि योग में भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं

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पूजा विधि

इस दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहने और व्रत का संकल्प लें पूजा के लिए घर की पूर्व दिशा को साफ करें अब वहां पर कलश की स्थापना करें कलश के ऊपर कोई थाल स्थापित करें उस बर्तन में कुश से बनी हुई भगवान अनन्त की मूर्ति स्थापित करें अब कुमकुम, केसर या हल्दी से रंगा हुआ कच्चे सूत का चौदह गांठों वाला धागा रखें इस धागे को अनन्ता कहा जाता है अब कुश से बने अनंत जी और चौदह गाठों वाले धागे की पुष्प धूप-दीप आदि से पूजा करें

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पूजा के बाद अनंत देव का ध्यान करते हुए उस धागे को पुरुष अपने दाहिने हाथ में और महिलाएं अपने बाएं हाथ की बाजू पर बांध लें अनंत धागे की चौदह गांठे चौदह लोकों की प्रतीक मानी गई है यह धागा अनंत फल देने वाला माना जाता है इसके बाद इस मन्त्र का जाप करे 

अनंत संसार महासुमद्रे मग्रं समभ्युद्धर वासुदेव।
अनंतरूपे विनियोजयस्व ह्रानंतसूत्राय नमो नमस्ते।

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