लखनऊ की 5 सबसे डरावनी जगहें अपनी डरावनी कहानियों के साथ

लखनऊ की 5 सबसे डरावनी जगहें अपनी डरावनी कहानियों के साथ

 
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नवाबों का शहर "लखनऊ" अपने शाही आतिथ्य के लिए जाना जाता है। यह शहर अपनी संस्कृति, इतिहास, स्वादिष्ट भोजन और अपनी मनोरंजक कहानियों के साथ आपका स्वागत करेगा। यहां कई प्राचीन स्मारक और इमारतें हैं, जिन्हें देखने के बाद आप यकीनन उनकी तारीफ करेंगे। लेकिन क्या आप यकीन कर सकते हैं कि इनके पीछे कुछ डरावनी कहानियां भी हैं? इसका एक कारण यह भी है कि लखनऊ में कई युद्ध लड़े गए हैं और कई मारे गए हैं। अगर आपको ऐसी डरावनी जगहें पसंद हैं, तो लखनऊ शहर को अपनी बकेट लिस्ट में शामिल करें। अगर आपको इन डरावनी जगहों के पीछे की डरावनी कहानियां पसंद हैं तो इस लेख को अंत तक पढ़ें।
सिकंदर बाग

सिकंदर बाग इस सूची में सबसे पहले आता है क्योंकि यह स्थान हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से जुड़ा हुआ है। यहां अंग्रेजों और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बीच लड़ाई लड़ी गई थी। एक रिपोर्ट के अनुसार 2300 भारतीय और 70 अंग्रेज मारे गए।अंग्रेज सेना इतनी जालिम थी कि उन्होंने यहां स्वतंत्रता सेनानियों के शवों को जलाने तक की इजाजत नहीं दी। और ये लाशें यहीं पड़ी हैं, सड़ने लगीं या चील और गिद्धों को नोच-नोचकर खा जाते थे।
बड़ा इमामबाड़ा


बड़ा इमामबाड़ा भूल भुलैया के नाम से प्रसिद्ध है। यह न केवल लखनऊ में बल्कि भारत में भी मुगलों द्वारा बनाई गई शानदार स्थापत्य कला का प्रतीक है। अगर आप कभी इस जगह घूमने जाएं तो किसी टूरिस्ट गाइड की मदद लें नहीं तो आप यहां के विचित्र रास्तों में खो जाएंगे।इसे 1784 में आसफ-उद-दौला ने लोगों को रोजगार देने के लिए बनवाया था। यह बड़े संकट का समय था और यहां कई बेगुनाहों की जान चली गई थी। तभी से इस जगह को भूतिया माना जाता है।बड़ा इमामबाड़ा के परिसर में बने तहखाने का इस्तेमाल अंग्रेजों ने उस दौरान भारतीयों को बंद करने के लिए किया था। कहा जाता है कि तहखाने की दीवारों पर आज भी भारतीयों की छाया दिखाई देती है। कई लोगों ने इन भूतिया तस्वीरों को कैमरे में कैद करने का दावा भी किया है।
बेगम कोठी


आपने बेगम कोठी का नाम तो सुना ही होगा, कभी सबसे डरावनी जगहों के नाम पर। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यहां लगभग 7000 भारतीय स्वतंत्रता सेनानी मारे गए थे।यहां के पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने भी यहां अलौकिक शक्तियों का अनुभव किया है। उनका कहना है कि यह जगह नकारात्मक भाव पैदा करने लगती है और आप डरने लगते हैं। कहा जाता है कि स्वतंत्रता सेनानियों की मौत इतनी भयानक थी कि आज भी रात में उनके चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई देती हैं।

ओइल हाउस

लखनऊ में स्थित ओइल हाउस उन चुनिंदा जगहों में शामिल है जिसे कई कई खौफनाक जगह मानते हैं। कहा जाता है कि ब्रिटिश काल में मरने वाले अधिकारियों को यहां मौजूद कुएं में फेंक दिया जाता था। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कुएं से ब्रिटिश अधिकारियों की आत्मा की आवाज आते रहती है।एक अन्य कहानी है कि एक कुलपति का बेटा कुएं में पत्थर डालने लगा और कुछ देर बाद ही उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद इस कुएं के आसपास कोई भी नहीं जाता है।

बलरामपुर हॉस्पिटल

बलरामपुर हॉस्पिटल की कहानी बेहद ही दिलचस्प है। कहा जाता है कि इस अस्पताल को कब्रिस्तान के ऊपर निर्माण किया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस अस्पताल में कई बार अजीबो-गरीब गतिविधियों का अनुभव किया गया है। इस अस्पताल को लेकर एक अन्य कहानी है कि शाम होते ही यहां से कई बार चिल्लाने की आवाज आते रहती है। कई बार बच्चों के रोने की आवाज भी आते रहती है। यहां स्थित सुनसान कमरे और जगहों पर कोई भी नहीं जाता है।

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