बारिश में नहाने से आप इन बीमारियों से निजात पा सकते है

बारिश में नहाने से आप इन बीमारियों से निजात पा सकते है

 
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कुदरत अगर बीमारी देती है, तो उसका इलाज भी दे देती है। गर्मियों में स्किन, बाल, फोड़े-फुंसी जैसी कई तरह की परेशानियां हो जाती हैं। इन सबका इलाज बारिश में भीग कर किया जा सकता है। गर्मियों में सेहत को जो समस्‍याएं हुई थीं, उन सबका इलाज बारिश में भीगना है। बस जरूरी है कि शुरुआत के दो-तीन दिन की बारिश को अवॉइड किया जाए।ऐसा माना जाता है कि बारिश के पानी में नहाने से बॉडी में हार्मोन्स का बैलेंस बना रहता है। 

बारिश के पानी में नहाने से कान के दर्द समेत दूसरे इन्फेक्शन भी दूर हो जाते हैं। यह न सिर्फ हार्मोन्स को बैलेंस करता है, बल्कि स्किन प्रॉब्लम्स से भी राहत देता है। बारिश का पानी बहुत हल्का होता है और इसका पीएच एल्कलाइन होता है। इसे वॉटर थेरेपी के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे ब्लड प्रेशर, शुगर नॉर्मल रहता है, दिल की बीमारियों से निजात मिलती है, स्किन प्रॉब्लम्स नहीं होतीं। बारिश का पानी मिट्टी के घड़े में स्टोर करके पिया जाये तो वो अमृत है, क्योंकि मिट्टी में इसके जहरीले तत्व खत्म जाते हैं। यह तन-मन को तरोताजा करता है।

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिट्टी में शामिल मिनरल और बैक्‍टीरिया नहीं होते, जिससे यह सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए ही फायदेमंद है।बारिश का पानी बॉडी, स्किन और चेहरे को साफ करने के साथ ही चेहरे पर जमा हानिकारक बैक्टीरिया को दूर करता है जो चेहरे पर फोड़े-फुंसी के लिए जिम्मेदार होते हैं।

बारिश के पानी में एल्कलाइन गुण होने की वजह से ये मुंहासे, चेहरे की सूजन और दर्द को दूर करता है। बच्‍चे खेलते हैं इसलिए उन्हें बहुत पसीना होता है, इससे उनकी स्किन पर छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं। गर्मी बढ़ने पर ये दाने चुभने लगते हैं। इन्‍हें दूर करने के लिए बच्‍चों को बारिश में नहाना चाहिए। इससे स्किन का टेम्परेचर बैलेंस होता है, जिससे घमौरियां भी ठीक हो जाती हैं।

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