डर और फोबिया में क्या अंतर होता है , जानिए

डर और फोबिया में क्या अंतर होता है , जानिए

 
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हर व्यक्ति के मन में कई तरह के भाव होते हैं। खुशी व घृणा के अलावा इन भावो में डर भी शामिल है। लोगों को कई चीजों से डर लगता है। कुछ लोगों को कुछ खास चीज या स्थिति से फोबिया होता है। यह देखने में आता है कि लोग डर व फोबिया दोनों को एक ही समझने की भूल कर बैठते हैं। वास्तव में इन दोनों में काफी अंतर होता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि डर और फोबिया के बीच क्या अंतर होता है-

डर क्या है?

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डर एक इमोशनल रिस्पॉन्स है। जब एक व्यक्ति को किसी खतरे का आभास होता है तो उसे डर लगता है। कभी-कभी कोई नेगेटिव एक्सपीरियंस भी व्यक्ति के डर को जन्म दे सकता है। बच्चों के मन में कुछ चीजों के प्रति डर बड़ों को देखकर व उनकी बातें सुनकर भी पैदा हो सकता है। एक बार जब व्यक्ति हिम्मत जुटाकर अपने डर का सामना करता है तो उसके मन का यह डर निकल जाता है। 

फोबिया क्या है? 

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फोबिया में व्यक्ति को किसी ऐसी चीज से डर लगता है जिससे वास्तव में उसे कोई खतरा नहीं है। फोबिया के प्रति प्रतिक्रिया इतनी इंटेंस होती है कि व्यक्ति इसके कारण अपने रोजमर्रा के काम भी ठीक ढंग से नहीं कर पाता है। अगर किसी व्यक्ति को ट्रिपैनोफोबिया है तो वह व्यक्ति सुई से इतना डरता है कि इंजेक्शन से बचने के चक्कर में वह अपने जीवन को भी खतरे में डाल देता है। इंजेक्शन के बारे में सोचने से ही उसका शरीर कांपने लगता है और पसीना आने लगता है।

डर और फोबिया में अंतर

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-डर एक नेचुरल इमोशनल रिएक्शन है जबकि फोबिया एक तरह का एंग्जाइटी डिसऑॅर्डर होता है।
-डर के पीछे कोई खास वजह होती है लेकिन फोबिया का कोई आधार नहीं होता है। 
-डर के कारण व्यक्ति की डे टू डे लाइफ इफेक्ट नहीं होती है लेकिन फोबिया के कारण व्यक्ति अपनी दैनिक गतिविधियों को भी सही ढंग से नहीं कर पाता है।

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