ये हैं साउथ की वो 9 धांसू मायथोलॉजिकल फिल्में जो कभी रिलीज़ ही नहीं हो पाईं

ये हैं साउथ की वो 9 धांसू मायथोलॉजिकल फिल्में जो कभी रिलीज़ ही नहीं हो पाईं

 
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आज हम आपको मायथोलॉजी और हिस्ट्री पर बनी हुई कुछ फिल्मों के बारे में बताएंगे जो कभी बनते हुए भी नहीं बन पाईं इन फिल्मो की कहानी सिर्फ कागज़ पर ही पूरी हुई कभी परदे पे भी नहीं आ पाई आज बात करेंगे साउथ की कुछ ऐसी ही फिल्मो के बारें में जो कभी दर्शक देख ही नहीं पाए 

मरुधनायगम 

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ये भारतीय इतिहास का वो नायक है जिसके बारे में बहुत कम कहा सुना और पढ़ा गया है 1857 की क्रांति से भी पहले इस भारतीय नायक ने विद्रोह कर डाला था इस आदमी का नाम था यूसुफ खान तमिल लेखक सुजाथा रंगराजन ने कमल हासन को इस कहानी के लिए सेलेक्ट किया था लेकिन ये कभी परदे पे नहीं आ पाई 

राणा 

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ये है आठवीं सदी के एक योद्धा की कहानी इस कहानी का नाम था राणा डायरेक्टर के.एस. रविकुमार ने इसे रजनीकांत को सुनाया रजनीकांत को कहानी पसंद आई और उन्होंने हाँ कर दी रजनीकांत के साथ-साथ दीपिका पादुकोण को भी फिल्म के लिए फाइनल कर लिया गया ये एक ऐनिमेटिड फिल्म होने वाली थी 2011 में फिल्म की शूटिंग शुरू हुई शूटिंग का पहला ही दिन था और रजनीकांत की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए जाना पड़ा और फिल्म पर काम रुक गया 

संघमित्रा 

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डायरेक्टर सुंदर सी ने एक बड़े बजट की हिस्टॉरिकल ड्रामा फिल्म अनाउंस की जिसका नाम था ‘संघमित्रा’ सम्राट अशोक की सबसे बड़ी बेटी का नाम संघमित्रा था फिल्म में श्रुति हासन ये किरदार निभाने वाली थीं जयम रवि और आर्या भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में नज़र आने वाले थे ‘संघमित्रा’ के दो पार्ट्स बनाने की प्लानिंग थी फिल्म को तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज़ किया जाना था कुछ दिन बाद श्रुति की टीम से जवाब आया कि मेकर्स श्रुति को डेट्स नहीं बता रहे थे इस वजह से वे फिल्म से अलग हो गई और ‘संघमित्रा’ पर काम रुक गया

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