Swami Vivekananda Jayanti - राष्ट्रीय युवा दिवस आज , पढ़िए स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

Swami Vivekananda Jayanti - राष्ट्रीय युवा दिवस आज , पढ़िए स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

 
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स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी को मनाई जाती है। इसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को पश्चिम बंगाल में हुआ था। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के शिष्य बनने के बाद उन्होंने संन्यास धारण कर लिया था। उनका नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। उनको स्वामी विवेकानंद नाम गुरु रामकृष्ण परमहंस ने ही दिया था। शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद ने भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया। 

उनके अनमोल वचन 

उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाये।

खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है।

तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना हैं। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नही हैं।

सत्य को हज़ार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।

बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप हैं।

ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हमही हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार हैं।

विश्व एक विशाल व्यायामशाला है जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।

दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो।

शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु हैं। विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु हैं। प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु हैं।

किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।

एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।

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