आरएसएस के कार्यक्रम में पहली बार महिला,दशहरा पर्व में पर्वतारोही संतोष यादव को अतिथि बनाने के पीछे क्या कारन है,जानिए

आरएसएस के कार्यक्रम में पहली बार महिला,दशहरा पर्व में पर्वतारोही संतोष यादव को अतिथि बनाने के पीछे क्या कारन है,जानिए

 
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दशहरे के मोके पर नागपुर में हर साल होने वाले राष्टीय स्वयसेवक संध के कार्यक्रम में इस बार मुख्य अतिथि के तोर पर पर्वतारोही सतोष यादव हिस्सा लेगी। यह पहली बार होगा जब कोई महिला संध के दशहरा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेगी। महिला मतदाताओं के बिच अपनी बैठ बनाने को लेकर भाजपा की कोशिश के बिच संध द्वारा उठाया गया यह कदम काफी सर्खियो में है .1925 में दशहरे के दिन नागपुर में आरएसएस की स्थापना हुई थी। संध के ससधचालक ने इस वार्षिक आयोजन में राष्टीय महत्व से जुड़े मुद्दों पर संगठन के दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया था। 

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संध महासचिव दत्तात्रेय होसबले की एक बैठक में महिलाओ की भागीदारी में कमी पर खेद विकट कर चुके है। इस बिच अब आरएसएस ने जानकारी दी है पर्वतारोही संतोष संघ के वार्षिक दशहरा दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होगी। बता दे की संतोष यादव मूल रूप में हरियाणा की रहने वाली है। उहे 2000 में पद श्री से सम्मानित किया गया था। 

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संध की छवि पुरुषो के संगठन के रूप में है। जिसमे पुरुषो की भागीदारी है। इस छवि को लेकर संध कई राजनितिक दलों द्वारा निशाने पर भी आता है। ऐसा माना जाता है की इस छवि को बदलने के लिए आरएसएस दशहरा कार्यक्रम में संतोष यादव को इन्वाइट किया गया है इसके चलते संध की  पहचान पुरुषो के संगठन तोर पर होती है। ऐसे में पर्वतारोही संतोष यादव के संध के कार्यक्रम में जुड़ने को लेकर माना जा रहा है की संध अपनी छवि में बदलाव लाना चाहता है। 
 

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