राजस्थान में पहले डॉगी की तरह पाले जाते थे चीते , आज है भारत में चितो की कमी

राजस्थान में पहले डॉगी की तरह पाले जाते थे चीते , आज है भारत में चितो की कमी

 
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पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन के दिन मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ा है । देश को आठ चीते मिले है। सभी को क्वारंटीन में रखा गया है। लेकिन आज से करीब 100 साल पहले राजस्थान के चीतावालान मोहल्ले में चीते घर में पाले जाते थे .

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राजस्थान के जयपुर में एक चीतावालान मोहल्ला है। यह रामगंज बाजार के पास स्थित है। यहाँ चितो को डॉगी की तरह रखा जाता था इसलिए इस मौहल्ले का नाम चीतावालान पड़ गया था। आज भी इसे इसी नाम से जाना जाता है। 

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चीतावालान मौहल्ले में सभी शिकारी परिवार से थे। वह राजघराने के लिए चीते पालते थे और उनके साथ शिकार पर भी जाते थे लेकिन समय के साथ चीते और उन्हें पालने वाले दोनों ही इस दुनिया से चले गए लेकिन मोहल्ले का नाम चीतावालान पड़ गया। यहां रहने वाले लोगों के राशन कार्ड, वोटर कार्ड और आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों पर भी यही नाम लिखा हुआ है।

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राजघराने के लिए यहां अफ्रीका और ईरान से चीतों को लाया गया था। उनकी देखभाल के लिए शिकारी परिवार को यहां बसाया गया था। वह चीतों को प्रशिक्षित करते थे और राजघराने के साथ शिकार पर जाते थे। लेकिन आज फिर भारत में चीते लौट आए हैं और ये हमारे लिए बड़ी गर्व की बात है। 

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