Chandra Grahan - चंद्रग्रहण पर 200 साल बाद वक्री हो रहे चार ग्रह, बन रहे विनाशकारी योग

Chandra Grahan - चंद्रग्रहण पर 200 साल बाद वक्री हो रहे चार ग्रह, बन रहे विनाशकारी योग

 
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देव दीपावली पर आठ नवंबर को चंद्रग्रहण है। 15 दिनों में यह दूसरा ग्रहण है जो दृश्यमान होगा। चंद्रग्रहण के कारण काशी में देव दीपावली का आयोजन एक दिन पहले सात नवंबर को हो गया । एक पक्ष में दो ग्रहण के प्रभाव नकारात्मक होते हैं। प्राकृतिक आपदाओं के साथ मौसम में बदलाव, भूकंप और आतंकी घटनाएं हो सकती हैं। 

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चार ग्रह वक्री हो रहे हैं

मंगल, शनि और सूर्य व राहु आमने सामने आएंगे। कुंडली में तुला राशि पर सूर्य, चंद्रमा, बुध और शुक्र की युति बन रही है। शनि कुंभ राशि में पंचम मिथुन राशि में नवम भाव पर मंगल की युति विनाशकारी योग बना रहा है। यह विश्व पटल के लिए अच्छे योग नहीं हैं। also read:- डांस क्या सिर्फ हिंदू धर्म का ही हिस्सा है?जानिए हिंदू धर्म में इसका महत्व

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साल का यह आखिरी चंद्रग्रहण मेष राशि में लगेगा

शनि और मंगल के आमने-सामने होने से षडाष्टक योग, नीचराज भंग और प्रीति योग का निर्माण हो रहा है।  साल का यह आखिरी चंद्रग्रहण मेष राशि में लगेगा। ऐसे में इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ेगी। देव दीपावली के दिन चंद्र ग्रहण लगने से इसका महत्व और भी बढ़ रहा है। चंद्रग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले ही आरंभ हो जाएगा। 

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ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2.41 बजे से होगी

ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2.41 बजे से होगी और शाम को 6.20 बजे तक रहेगा। भारत में चंद्रग्रहण चंद्र उदय के साथ शाम 5.20 बजे से दिखने लगेगा। यह चंद्रग्रहण मेष राशि में होगा। सूतक प्रात: 8.20 से शुरू होगा। जो शाम 6.20 बजे समाप्त होगा। यदि 15 दिनों में दो ग्रहण होते हैं तो प्राकृतिक आपदाएं आती हैं या मौसम में बदलाव हो सकता है। तेज हवा के साथ आंधी, भूकंप या लैंड स्लाइड की आशंका रहती है। देश में तनाव और डर का माहौल भी हो सकता है। सीमाओं पर तनाव बढ़ सकता है। आतंकी घटनाओं में वृद्धि हो सकती है।

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