Central Vista: जानिए प्रधान मंत्री मोदी के इस खास प्रोजेक्ट के बारे में

Central Vista: जानिए प्रधान मंत्री मोदी के इस खास प्रोजेक्ट के बारे में

 
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आखिरकार सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के उद्घाटन का दिन यानि 8 सितंबर आ ही गया।हालांकि आज दिल्ली में इसके आसपास के सभी स्थान बंद हैं, लेकिन कल से लोग इसे घूम सकेंगे। प्रधानमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए पिछले दो साल से जो संघर्ष चल रहा था वह आखिरकार पूरा हो गया है।आज इसका अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे और दिल्ली के ऐतिहासिक स्थल राजपथ पर सेंट्रल विस्टा लॉन के पुनर्विकास से सभी को अवगत कराया जाएगा। उस जगह का नाम जहां सेंट्रल विस्टा मौजूद है यानी राजपथ अब 'डर्टी पथ' कर दिया गया है।

इसके उद्घाटन के समय काफी चौकसी बरती गई थी और दिल्ली में शाम चार बजे सभी दफ्तरों को बंद करने की घोषणा पहले ही कर दी गई थी।इतना ही नहीं इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन के लिए दिल्ली हाई कोर्ट को भी तीन बजे से बंद कर दिया गया था।राजपथ में भारी बदलाव किए गए हैं जो इस परियोजना का एक प्रमुख हिस्सा है। वहीं, नए रास्तों और राज्यों के साथ नई दुकानों के लिए जगह भी तैयार की गई है।पहले लाल रेत थी, जिसे अब लाल पत्थरों से बदल दिया गया है।यहां 12 से 15 किमी का लंबा पैदल मार्ग बनाया गया है।

यहां यातायात रोकने और सड़क जाम करने के लिए 987 कंक्रीट के बोल्डर बनाए गए हैं। 900 से अधिक लाइट पोस्ट किए गए हैं।यहां बैठने की व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है।राजपथ देखा है तो उसके किनारे बहने वाली नहर में 16 नए पुल बनाए गए हैं।यहां नए फूड स्टॉल भी खुलेंगे।यहां इंडिया गेट के दोनों ओर नई दुकानें भी बनाई गई हैं। हालांकि अब यहां घर का खाना खाने की इजाजत नहीं होगी और यह अब टूरिस्ट स्पॉट बन गया है।

नई सेंट्रल विस्टा परियोजना 4000 पेड़ों से घिरी हुई है जहां जामुन के पेड़ संरक्षित किए गए हैं जो उस स्थान पर पहले से मौजूद थे। इसमें से 69 पेड़ प्रतिरोपित कर परियोजना स्थल पर भेजे जा रहे हैं और 47 पेड़ इस प्रांगण के बीच में लगाए गए हैं। इसमें 191 नए पेड़ और 140 अन्य पेड़ भी शामिल हैं जो शुरुआत में यहां लगाए गए थे। पहले की योजना में केवल 454 पेड़ ही लगाए जाने थे, लेकिन इसे बढ़ा दिया गया है और राजपथ के चारों ओर अधिक पेड़ लगाए गए हैं।सेंट्रल विस्टा एवेन्यू प्रोजेक्ट की कुल लागत 20 हजार करोड़ रुपए थी और यह 3.2 करोड़ में फैली है। इसकी नींव प्रधानमंत्री मोदी ने 2020 में रखी थी।

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