अमेरिका ने भारत को करेंसी मॉनिटरिंग लिस्ट से हटाया, यहां जानिए कारण

अमेरिका ने भारत को करेंसी मॉनिटरिंग लिस्ट से हटाया, यहां जानिए कारण

 
.
 अमेरिका ने भारत को भारत का नाम अपनी मुद्रा निगरानी सूची से हटा दिया है। ये भारत के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। अमेरिका ने इसकी घोषणा ऐसे समय में की है जब अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन भारत के दौरे पर हैं और कुछ समय बाद अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन की पीएम नरेन्‍द्र मोदी से जी-20 सम्‍मेलन में मुलाकात होनी तय मानी जा रही है। ऐसे में अमेरिका के इस फैसले के कई बड़े अर्थ भी निकाले जा रहे हैं। अमेरिका ने ये फैसला अपने ट्रेजरी विभाग की दी गई रिपोर्ट के आधार पर लिया है। हाल ही में ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने एक रिपोर्ट कांग्रेस सौंपी थी। इस द्विवार्षिक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत का नाम अब मुद्रा निगरानी सूची से हटा दिया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा दोनों देशों के बीच व्‍यापारिक रिश्‍तों को होगा। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच व्‍यापार और बढ़ेगा।  



शुक्रवार, 11 नवंबर, 2022 को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा चार अन्य देशों के साथ भारत को मुद्रा निगरानी सूची से हटा दिया गया है। निगरानी सूची प्रमुख व्यापारिक भागीदारों को समाहित करती है जो उनकी मुद्रा प्रथाओं और व्यापक आर्थिक नीतियों पर ध्यान देने योग्य हैं। भारत के अलावा, इटली, मैक्सिको, थाईलैंड और वियतनाम अन्य देश थे जिन्हें सूची से हटा दिया गया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने यह कदम उस दिन उठाया जब ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन ने नई दिल्ली का दौरा किया और भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की।

किस रिपोर्ट के बाद भारत को इस लिस्‍ट से निकाला 

गौरतलब है कि अमेरिका का ट्रेजरी डिपार्टमेंट अपने प्रमुख भागीदारों की मुद्रा पर निगरानी के लिए इस सूची को तैयार करता है। इसमें वो प्रमुख व्यापारिक भागीदारों की मुद्रा को लेकर गतिविधियों और उनकी दूसरी मोनेटरिंग पालिसी पर काफी बारीकी से नजर रखता है। पिछले दो साल से भारत अमेरिकी की इस मुद्रा निगरानी सूची में शामिल था।

From Around the web