Good Luck Jerry Movie Review - भाई अर्जुन से आगे निकलीं जान्हवी कपूर, फिल्म में की कमाल की एक्टिंग

Good Luck Jerry Movie Review - भाई अर्जुन से आगे निकलीं जान्हवी कपूर, फिल्म में की कमाल की एक्टिंग

 
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‘गुड लक जेरी’ ओटीटी के दर्शकों के लिए सरप्राइज से कम नहीं है जान्हवी कपूर और कुछ बेहतरीन अभिनेताओं ने एक साथ मिलकर इस फिल्म को मनोरंजक बनाने की कोशिश की है तमिल फिल्म ‘कोलामावू कोकिला’ की रीमेक ‘है गुड लक जेरी’  दर्शकों को गुदगुदाने और भावुक करने दोनों में काफी हद तक कामयाब रहती है 

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फिल्म को देखने की पहली वजह जान्हवी कपूर ही हैं वह फिल्म में जया कुमारी उर्फ जेरी के किरदार में हैं मसाज पार्लर में काम करने वाली घर की बड़ी बेटी के कहीं पैर न भटक जाएं तो मां उसके हाथ पीले करने के फेर में है वह खुद भी मोमोज बनाकर घर चलाने की कोशिश करती रहती है 

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छोटी बेटी छाया कुमारी उर्फ चेरी अभी पढ़ रही है घर में सिर्फ तीन महिलाएं ही हैं तो पड़ोस वाले अंकल भी खुद को घर का हिस्सा मान लेते हैं अपना ये रिश्ता वह आगे चलकर निभाते भी हैं पंजाब में होने वाले नशे का कारोबार इस परिवार की कहानी में एक हादसे के चलते घुल जाता है जेरी को लगता है कि इसमें तो अच्छा पैसा है मां के कैंसर का इलाज उसकी मजबूरी है लेकिन जेरी इस धंधे से बाहर आना चाहती है कारोबारी नहीं मानते हैं तो फिर वह एक एक करके कैसे सबको निपटाती है 

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फिल्म ‘गुड लक जेरी’ को बिना ब्रेक के देखने में ही मजा है फिल्म क्लाइमेक्स पर आकर थोड़ा लड़खड़ाती है और यूं लगता है कि फिल्म की कहानी का उपसंहार तलाशने में थोड़ी जल्दबाजी भी हो गई है लेकिन पंकज मट्टा और सिद्धार्थ सेन मिलकर फिल्म को संभालने में कामयाब रहे हैं हंसी के तमाम मौके फिल्म में आते हैं फिल्म लड़खड़ाना तब शुरू होती है जब जेरी एक के बाद एक सबको बेवकूफ बनाकर ड्रग माफिया के चंगुल से बाहर निकलने की कोशिश करती है सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्मों ‘विक्रांत रोणा’ और ‘एक विलेन रिटर्न्स’ दोनों से फिल्म ‘गुड लक जेरी’ कहीं बेहतर है और यही इस वीकएंड की आपकी ‘राइट च्वॉइस’ भी होनी चाहिए

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