Drishyam 2 Review - विजय सालगांवकर का फिल्मी पैंतरा खूब आया पसंद , क्लाइमैक्स पर बजीं खूब तालियां

Drishyam 2 Review - विजय सालगांवकर का फिल्मी पैंतरा खूब आया पसंद , क्लाइमैक्स पर बजीं खूब तालियां

 
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‘दृश्यम’ की सीक्वल ‘दृश्यम 2’ रिलीज़ हो चुकी है । दोनों मूल रूप से मलयालम में बनी हैं। हिंदी में भी ‘दृश्यम’ हिट रही और अब ‘दृश्यम 2’ भी उसी राह पर चल रही है। दिलचस्प बात ये है कि मलयालम में बनी ‘दृश्यम 2’ देखने के बाद भी इसका हिंदी रीमेक देखने की उत्सुकता बनी रहती है। फिल्म का क्लाइमेक्स ही फिल्म की असल जान है। 

कहां दबी है लाश?

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फिल्म ‘दृश्यम 2’ की कहानी वहां से शुरू होती है जहां एक पुलिस अधिकारी की बेटे की हत्या हो जाने का तो खुलासा हो चुका है लेकिन उसकी लाश नहीं मिलती है। पिता अपने बेटे की आत्मा की मुक्ति के लिए उसके शव का अंतिम संस्कार करना चाहता है। लेकिन उसे तो विजय सालगांवकर ने ऐसी जगह गाड़ दिया था जहां से चाहकर भी उसे निकाला नहीं जा सकता। विजय सालगांवकर का हर पैंतरा किसी न किसी फिल्म की कहानी से निकलता है और इस बार भी पुलिस पर फिल्मी पैंतरा भारी पड़ता है।

पल पल बढ़ते रोमांच का आनंद

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थ्रिलर दुनियाभर में काफी समय से सबसे कामयाब फिल्म श्रेणी रही है। दर्शकों की इस पसंद पर फिल्म ‘दृश्यम 2’ खरी उतरती है। बिना इसमें कुछ ज्यादा छेड़छाड़ किए अभिषेक और आमिल ने इसका हिंदी रूपांतरण बना लिया है। फिल्म मूल फिल्म की कॉपी जैसी ही है लेकिन क्लाइमेक्स का गठन और प्रस्तुतिकरण अभिषेक ने बदल लिया है। also read:- Celebs Bungalow - मन्नत और प्रतीक्षा, जाने बॉलीवुड सितारे क्या सोचकर रखते हैं अपने बंगलों के नाम?

अजय देवगन ही अव्वल नंबर

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ये फिल्म पूरी की पूरी अजय देवगन की है। फिल्म ‘दृश्यम 2’ में वह मोहनलाल जैसा ही रूप भी धारण किए हैं। सिर्फ आंखों से अभिनय करना है तो फिलहाल अजय देवगन के मुकाबले का दूसरा किरदार हिंदी सिनेमा में दूर दूर तक नहीं है। श्रिया सरन दो बच्चों की चुस्त तंदुरुस्त मां के किरदार के लिए बिल्कुल फिट हैं। इशिता दत्ता और मृणाल जाधव दोनों अब काफी बड़ी हो चुकी हैं। फिर भी सीक्वल की कहानी के हिसाब से दोनों अपनी अपनी जगह फिट हैं।

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