Darlings Review - आलिया और शेफाली शाह ने की कमाल की अदाकारी,लेकिन धीमी रफ्तार ने सब कुछ बिगाड़ा

Darlings Review - आलिया और शेफाली शाह ने की कमाल की अदाकारी,लेकिन धीमी रफ्तार ने सब कुछ बिगाड़ा

 
d

आलिया भट्ट के लिए 2022 उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण साल है इसी साल उनकी शादी हुई और इस साल ही वह मां भी बनने वाली हैं और बतौर निर्माता उनकी पहली फिल्म ‘डार्लिंग्स’ भी नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है फिल्म बनी तो सिनेमाघरों के लिए ही थी लेकिन फिल्म बनने के बाद ही शायद इसे बनाने वालों को समझ आया कि इसके प्रचार और विज्ञापन पर और पैसा खर्च करने की बजाय इसे ओटीटी पर रिलीज कर देना ही बेहतर होगा 

d

फिल्म ‘डार्लिंग्स’ के टीजर में आलिया भट्ट ने बिच्छू और मेंढक की एक कहानी सुनाई थी सार ये था कि बुरी आदतें आसानी से इंसान को छोड़ती नहीं हैं फिल्म को बनाने वाली मुख्य कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान की कंपनी है

p

फिल्म ‘डार्लिंग्स’ की कहानी मुंबइया है पुरानी मुंबई का कोई मुस्लिम इलाका है सिनेमाघर के बाहर कुल्फी खाते खाते अपने आशिक का इंतजार करती माशूक है लड़का रेलवे में टिकट कलेक्टर बन जाता है लड़की उसकी बीवी टीसी से उसका सीनियर रोज टॉयलेट साफ कराता है सरकारी नौकरी में रहते हुए कोई अपना ऐसा उत्पीड़न आज के जमाने में भी होने दे सकता है कहानी लिखने वालों की सोच पर तरस आता है दफ्तर में भीगी बिल्ली बनकर रहने वाला ये मर्द घर में आकर शेर हो जाता है रोज शराब पीता है खाने में कंकड़ निकलने पर वह बीवी का गला दबोच लेता है इतना जोर से कि निशान अगले दिन तक मोहल्ले को दिखते रहते हैं 

ab

अनिल मेहता की सिनेमैटोग्राफी सही है लेकिन नितिन बैद को इसकी लंबाई 90 मिनट के आसपास ही कर देनी चाहिए थी फिल्म का संगीत गुलजार, विशाल भारद्वाज और मेलो डी ने मिलकर बनाया है लेकिन गानो में दम नहीं है आलिया के नाम पर फिल्म देखनी हो तो देख सकते हैं लेकिन ‘डार्लिंग्स’ के साथ बैठकर इसे देखने लायक आनंद नहीं है 

From Around the web