Car Mileage - कार के माइलेज को बढ़ा देता है डीकार्बनाइजेशन ? जाने

Car Mileage - कार के माइलेज को बढ़ा देता है डीकार्बनाइजेशन ? जाने

 
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हर कार मालिक यही चाहता है कि उसकी कार फिट रहे और उसमें किसी तरह की समस्या ना आए। ऐसे कई प्रोसेस हैं जो आपकी कार के इंजन को फिट रखने का दावा करते हैं और इन्हीं प्रोसेस में से एक है डीकार्बोनाइजेशन। 

इंजन डीकार्बोनाइजेशन होता क्या है 

अक्सर जब कोई कार की फ्यूल इकोनॉमी या पावर में गिरावट देखता है तो परेशान हो जाता है। इंजन डीकार्बनाइजेशन एक रासायनिक या यांत्रिक प्रक्रिया हो सकती है जहां इंजन की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए लिए सिलेंडर हेड और पिस्टन पर जमा कार्बन को हटा दिया जाता है। इसमें इंजन के अन्य कार्यशील एलिमेंट्स पर से भी कार्बन को हटाया जाता है। 

डीकार्बनाइजेशन की दो तकनीकें हैं - मैकेनिकल और रासायनिक:

1. मैकेनिकल: इस तकनीक में इंजन को खोला जाता है और जमा कार्बन को ब्लॉक पिस्टन और सिलेंडर हेड से फिजिकली हटा दिया जाता है। लेकिन एक कम जानकार व्यक्ति के साथ अपनी कार में इस प्रोसेस को करवाना चपत लगा सकता है इसलिए रासायनिक तकनीक की भी जरूरत होती है। 

2. रसायन: इस प्रक्रिया में अल्कोहल और टेरपीन का उपयोग किया जाता है। ये इंजन के विभिन्न हिस्सों जैसे फ्यूल इंजेक्टर, क्राउन रिंग, पिस्टन आदि में जमे कार्बन को घोलते हैं, इसके बाद कार्बन को निकास के माध्यम से बाहर निकाल दिया जाता है। 

इंजन डी-कार्बोनाइजेशन के निम्नलिखित फायदे हैं:

1. यह इंजन को अंदर से साफ करता है

2. परफॉर्मेंस को बढ़ाता है

3. इंजन का शोर कम करता है 

4. माइलेज को बढ़ाता है

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कितना बढ़ता है माइलेज 

डीकार्बोशनाइजेशन प्रक्रिया के बाद आपकी कर के माइलेज में इजाफा होता है लेकिन माइलेज सीधा दोगुना हो जाएगा ऐसा नहीं है। आपकी कार के माइलेज में 10 परसेंट से लेकर 25 परसेंट तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है लेकिन यह बढ़ोतरी सिर्फ तब होगी तब आपकी कर सालों पुरानी हो जिसमें जरूरत से ज्यादा कार्बन जमा हो गया हो। 

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