India overtakes Japan - जापान से आगे निकला भारत, अब चीन और अमेरिका की बारी

India overtakes Japan - जापान से आगे निकला भारत, अब चीन और अमेरिका की बारी

 
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भारत में गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वह जापान को पीछे छोड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वीकल मार्केट बन गया है। सेमीकंडक्टर चिप की कमी के बावजूद पिछले साल भारत में 42.5 लाख से अधिक गाड़ियां बिकीं। यह चीन और अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा संख्या है। कोरोना के बाद लोगों में पर्सनल वीकल की मांग बढ़ी है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स के मुताबिक पिछले साल जनवरी से नवंबर तक देश में 41.3 लाख गाड़ियां बिकीं। 

एक रिपोर्ट के मुताबिक टाटा मोटर्स जैसी ओरिजनल इक्विपमेंट मेकर्स कंपनियां अपने होलसेल और रिटेल सेल्स की तिमाही आंकड़े जारी करती हैं। टाटा मोटर्स ने अब तक अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के आंकड़े नहीं दिए हैं। देश की सबसे बड़ी पैसेंजर कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की दिसंबर में सेल 113535 यूनिट थी। भारत में बिक्री का आकंड़ा पिछले साल 42.5 लाख यूनिट पार कर चुका है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक जापान में पिछले साल 42 लाख गाड़ियां बिकीं जो 2021 की तुलना में 5.6 फीसदी कम है।

कौन है नंबर वन

चीन दुनिया का सबसे बड़ा वीकल बाजार है। वहां पिछले साल 2.675 करोड़ गाड़ियां बिकी जो 2021 की तुलना में 1.7 फीसदी अधिक हैं। अमेरिका में पिछले साल 1.389 करोड़ गाड़ियां बिकीं जो 2021 की तुलना में 7.8 फीसदी अधिक हैं। 2021 में चीन में 2.627 करोड़ गाड़ियां बिकी थीं। चीन में 1.54 करोड़ और जापान में 44.4 करोड़ गाड़ियां बिकी थीं। अगर टाटा मोटर्स और कमर्शियल वाहनों की बिक्री भी जोड़ी जाए तो भारत में पिछले साल गाड़ियों की बिक्री जापान से काफी अधिक थी।

भारत ने किया कमबैक 

2018 में भारत में 44 लाख गाड़ियां बिकी थीं। 2019 में यह संख्या 40 लाख रह गई थी। कोरोना के बाद 2020 में यह संख्या 30 लाख से भी नीचे आ गई थी। 2021 में यह संख्या एक बार फिर 40 लाख के पार पहुंच गई थी। सेमीकंडक्टर चिप की कमी से 2021 में गाड़ियों का प्रॉडक्शन प्रभावित हुआ था। पिछले साल के शुरुआती महीनों में भी चिप की कमी आड़े आई थी।alsoreadCar Modification - दो Safari को जोड़ बनाई 9-सीटर कार, देखने वाले हुए हैरान

आनंद महिंद्रा हुए गदगद

आनंद महिंद्रा ने इस पर एक मजेदार ट्वीट किया है। उन्होंने कहा- 'जब मैं 1980 में बिजनस स्कूल गया तो दुनिया में जापान की गाड़ियों का बोलबाला था। तब अगर मैंने अपनी क्लास के किसी इंटरनेशनल साथी से कहा होता कि एक दिन भारत आउटपुट के मामले में जापान से आगे निकल जाएगा तो वे मुझ पर हंसता।' 

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