क्यों बॉडी बिल्डर कर रहे है फ्रोजन मदर मिल्क की मांग?

क्यों बॉडी बिल्डर कर रहे है फ्रोजन मदर मिल्क की मांग?

 
.

दुनिया में फ्रोजन ब्रेस्ट मिल्क और उसके उत्पादों की मांग बढ़ गई है। भारत में भी फ्रोजन मदर मिल्क एक ऐसी कंपनी द्वारा बेचा जा रहा था जिसका लाइसेंस जुलाई में रद्द कर दिया गया था। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 'मां का दूध' बेचने पर सख्त कार्रवाई की है। मां का दूध हर बच्चे के लिए बहुत ही पौष्टिक माना जाता है। नवजात और छोटे बच्चे अगर मां का दूध पीते हैं तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, पाचन सही रहता है, संक्रमण का खतरा कम रहता है और बच्चे की ग्रोथ भी अच्छी होती है।

.

एफएसएसएआई का कहना है कि अगर कोई कंपनी मां के दूध से बने उत्पाद बेचती है तो एफएसएस अधिनियम 2006 के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार ऐसे खाद्य व्यवसाय संचालकों को दंडित किया जा सकता है। बेचे जाने पर ऐसे खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ एफएसएस अधिनियम 2006 और उसके तहत बनाए गए नियमों / विनियमों के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भारत में कुछ कंपनियां 300 मिलीलीटर जमे हुए दूध को 4500 रुपये में बेच रही थीं। also reads:- दूध से लेकर दही तक के है विशेष नियम, जानिए ब्रिटेन के नए राजा की शाही रसोई का प्रबंध

.

वहीं, इंग्लैंड की ब्रेस्ट मिल्क प्रोसेसिंग कंपनी 50 मिली ब्रेस्ट मिल्क को 4300 रुपये (45 पाउंड) में बेचती है। भारत, कंबोडिया, अमेरिका और इंग्लैंड समेत दुनिया भर में ब्रेस्ट मिल्क का बड़े पैमाने पर सेवन किया जा रहा है। इसके अलावा फ्रोजेन ब्रेस्ट मिल्क के उत्पाद भी बाजार में आते हैं। इन उत्पादों को पोषण को नष्ट किए बिना बनाया जाता है और उन्हें और अधिक पोषक तत्व युक्त बनाने के लिए अन्य सामग्री भी डाली जाती है।

.

बताया जा रहा है कि बीमार लोग, बॉडी बिल्डर और स्वस्थ आहार लेने वाले लोग भी मां के दूध का सेवन कर रहे हैं। कई मामलों में स्तन का दूध स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं और अस्पतालों को भेजा जाता है। इंग्लैंड की एक कंपनी उन महिलाओं को ऑनलाइन स्तन दूध उपलब्ध करा रही है, जिन्हें स्तनपान कराने में समस्या है। इस वजह से दुनिया भर में मां के दूध की मांग बढ़ गई है।

From Around the web