इन् देशो में है प्रधानमंत्री शपथ लेने की विचित्र परम्पराए

इन् देशो में है प्रधानमंत्री शपथ लेने की विचित्र परम्पराए

 
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हाल ही में भारत की नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति पद के लिए चयन किया गया है।भारत में राष्ट्रपति का चुनाव जनता के चुने हुए प्रतिनिधि राष्ट्रपति को चुनते हैं। राष्ट्रपति को शपथ के बाद 21 तोपों की सलामी दी जाती है। बता दें कि भारत के राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 साल होता है। द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति बन गई हैं। उन्हें 25 जुलाई को संसद के सेंट्रल हॉल में चीफ जस्टिस एनवी रमना ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

लेकिन दुनिया के दूसरे देशों में राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण को लेकर अलग अलग परंपराए  हैं।इंडोनशिया में भी सरकार की सारी पावर राष्ट्रपति के पास ही होती है। लेकिन वहां राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता द्वारा होता है। यहां भी कोई व्यक्ति सिर्फ दो बार ही राष्ट्रपति बन सकता है। शपथ ग्रहण के दौरान राष्ट्रपति के पास एक शख्स उनकी धार्मिक किताब लिए मौजूद रहता है। बता दें कि फिलहाल इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो हैं।

तंजानिया में राष्ट्रपति ही देश का सबसे पावरफुल शख्स होता है। इसके अलावा यहां कोई भी शख्स अधिकतम सिर्फ दो बार ही राष्ट्रपति बन सकता है। तंजानिया में शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति को भाला और ढाल दिया जाता है। भाला और ढाल मसाई जनजाति का प्रमुख हथियार होता है, जिसे लीडरशिप और आर्म्ड फोर्स का प्रतीक माना जाता है। फिलीपींस में भी राष्ट्रपति हेड ऑफ स्टेट और हेड ऑफ गवर्नमेंट होता है।

यहां भी राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता करती है। हालांकि, यहां के राष्ट्रपति का कार्यकाल 6 साल का होता है। यहां के राष्ट्रपति शपथ ग्रहण के दौरान अनानास के पत्तों से बनी एक खास ट्रेडिशनल शर्ट पहनकर शपथ लेते हैं। यह फिलीपींस की नेशनल ड्रेस है, जिसे बैरोंग तैगालोग कहते हैं। फ्रांस में भी राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता करती है। खास बात ये है कि फ्रांस का राष्ट्रपति कोई ऑफिशियल शपथ नहीं लेता। बल्कि कॉन्स्टिट्यूशनल काउंसिल के चेयरमैन द्वारा घोषणा के बाद ही राष्ट्रपति का कार्यकाल शुरू हो जाता है।

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