मूंगफली को पिस्‍ता बताकर 1500 में बेचा गया ,जानिए कैसे करे असली ड्राई फ्रूट्स की पहचान

मूंगफली को पिस्‍ता बताकर 1500 में बेचा गया ,जानिए कैसे करे असली ड्राई फ्रूट्स की पहचान

 
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मिलावट की एक और घटना, जिसका आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ेगा। राजस्थान की सबसे बड़ी ड्राई फ्रूट मंडी जयपुर में है। अचानक सीआईडी ​​और चिकित्सा विभाग की टीम ने यहां छापेमारी की तो पता चला कि नकली मेवे  बेचे जा रहे हैं।सीआईडी ​​क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी की माने तो एक दुकानदार करीब 12 साल से मूंगफली को हरे रंग में 1500 रुपये किलो बेच रहा था। पिस्ते में जो डाई मिलाई जाती थी उसका इस्तेमाल कपड़ों को रंगने के लिए किया जाता था।इस दुकान में थोक सामान बेचा जाता है। लोग प्रतिदिन काजू, पिस्ता, बादाम, किशमिश, अंजीर और केसर खरीद कर यहां से ले जाते हैं।

ऐसे में स्वास्थ्य की दृष्टि से ऐसी मिलावट बेहद खतरनाक है।अब आप सोच रहे होंगे कि हमारे घर में जो मेवा आता है वो भी नकली तो नहीं, हमें कैसे पता चलेगा कि हम असली ड्राई फ्रूट खा रहे हैं या नकली। तो चलिए आज जरूरत की खबरों में असली सूखे मेवों की पहचान करने की बात करते हैं। नीचे दिए गए ग्राफिक्स में समझें कि ड्राई फ्रूट्स खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें।नकली सूखे मेवों का रंग प्राकृतिक रंग से अधिक गहरा दिखाई देता है।अगर किशमिश, अंजीर और पिस्ता को चबाना बहुत मुश्किल है, तो इसका मतलब है कि वे बहुत पुराने हैं या उच्च तापमान में रखे गए हैं।

खरीदने से पहले सूखे मेवे को सूंघ लें, उनकी महक बता देगी कि वे अच्छे हैं या सड़े हुए।अगर आपने FSSAI का लोगो और लाइसेंस नंबर देखकर ड्राई फ्रूट खरीदा है और वह नकली निकला है ऐसे में आप सीधे कंज्यूमर फोरम में शिकायत कर सकते हैं।अगर ड्राई फ्रूट नकली या मिलावटी है तो आपको इसका सैंपल लेकर खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के पास जाना होगा। वहां लिखित शिकायत दर्ज करनी होगी कि आप जो उत्पाद खरीद रहे हैं वह नकली है या उसमें मिलावट है। इसकी जांच कराने के लिए अथॉरिटी लैब भेजेगी, रिपोर्ट आपके पक्ष में आते ही दुकानदार के खिलाफ वारंट जारी कर दिया जाएगा।हर शहर में एक खाद्य सुरक्षा नामित अधिकारी मौजूद है। उसका काम निरीक्षण और जांच दोनों है।

इसे खाने से लोगों में तुरंत किसी भी तरह के लक्षण नहीं दिखाई देंगे, क्योंकि ये धीमे जहर की तरह काम करते हैं।साथ ही यह अलग-अलग व्यक्ति की उम्र, इम्युनिटी पर निर्भर करता है कि वे इन मेवे को कितनी मात्रा में खा रहे थे, कितना नुकसान पहुंचाएंगे और कितना नहीं।जो लोग रोजाना ऐसे मेवे खा रहे होंगे, उन्हें 1-2 साल के भीतर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।किचन में कई ऐसे खाद्य पदार्थ मौजूद हैं, जो मिलावटी हैं, आप चाहें तो घर पर भी इनकी पहचान कर सकते हैं।

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