राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलट हैं शिवांगी सिंह- जानिये शिवांगी की कहानी

राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलट हैं शिवांगी सिंह- जानिये शिवांगी की कहानी

 
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90 साल पहले देश 8 अक्टूबर 1932 को देश में वायुसेना की नींव रखी गई थी। तब से हर साल 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना दिन मनाया जाता है। तब से अब तक हमारी जाबांज वायुसेना ने अपने पराक्रम का लोहा मनवाया। इसी शौर्य और पराक्रम को हर साल सलामी देने के लिए  भारतीय वायुसेना दिवस मनाया जाता है। साल 2020 में फ्रांस से राफेल की पहली खेप भारत आई थी। जिससे अंबाला एयरबेस पर लैंड कराया गया।

भारतीय वायुसेना की महिला पायलट शिवांगी सिंह को फाइटर विमान राफेल के स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो में पहली महिला फ्लाइट लेफ्टिनेंट के तौर पर शामिल किया गया। यह महिलाओं के साथ ही देश के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। शिवांगी सिंह को ये जिम्मेदारी मिलने पर सबसे अधिक गर्व उनके परिवार के बाद उत्तर प्रदेश के लिए है, वजह है शिवांगी सिंह का यूपी से खास कनेक्शन। वायुसेना पायलट शिवांगी सिंह उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की रहने वाली हैं। शिवांगी सिंह ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस 2013 की परेड में उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया था।

बीएचयू में शिवांगी नेशनल कैडेट कोर में 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा रह चुकी हैं। शिवांगी मिग 21 से उड़ान भर चुकी हैं। राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर पर लगे एयरबेस पर शिवांगी की तैनाती रही। विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के साथ भी शिवांगी ने काम किया है।क्लास आठ तक शिवांगी ने वाराणसी के कैंटोमेंट स्थित सेंट मेरीज स्कूल के पढ़ाई की। जिसके बाद उन्होंने शिवपुर के सेंट जोजर्स कॉन्वेंट स्कूल बाईपास से 12वीं परीक्षा पास की।

  बचपन से ही शिवांगी पढ़ाई में अव्वल रहीं। 12वीं में उनके 89 फीसदी अंक आए थे। इसके बाद शिवांगी ने बीएससी सनबीम विमेंस कॉलेज भगवानपुर से की। यहां 68 फीसदी अंक मिले। पढ़ाई के दौरान उन्होंने एनसीसी ज्वाइन कर ली। स्पोर्ट्स में भी शिवांगी सिंह काफी अच्छी थीं। जैकलिन थ्रो में उन्होंने नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीता था।

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